दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में 17 लोगो की दर्दनाक मोत

रिपोर्ट : अजीत कुमार


 



 



मंगलवार की सुबह राजधानी दिल्ली जब गहरी नींद में थी तब दिल्ली के करोलबाग में बुरी तरह चीख पुकार मच गयी , यहां होटल अर्पित पैलेस में सुबह करीब साढ़े चार बजे भीषण आग लग गई, और होटल धूं धूं कर जलने लगा मौके पर दमकल की 25 से ज्यादा गाड़ियों ने आग पर काबू पाया इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर लोग दिल्ली आए टूरिस्ट थे। इस हादसे में अब तक 17 लोगों के मौत हो गई है, वहीं कुछ लोग जख्मी हुए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।



फायर ऑफिसर ने बताया कि आग लगने का कारण अभी पता नहीं किया जा सका है। घटना के बाद 30 फायर टेंडर मौके पर पहुंच गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। गलियारे पर लकड़ी की चौखट थी, जिसके कारण लोग इसका उपयोग नहीं कर सके साथ ही आग लगने के काफी देर बाद फायर को सुचना दी गयी जिसके ज्यादा फेल गयी साथ ही खुद को बचने के लिए 2 लोग इमारत से कूद भी गए थे।



आग लगने के बाद होटल के आसपास अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई लोगों ने होटल की खिड़कियों से लोगों को छलांग लगाते देखा। अब तक 35 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया जा चूका है । दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है। लेकिन अभी कई लोग हैं जो लापता हैं जिनकी तलाश जारी है।



जानकारी के अनुसार जब मंगलवार सुबह लोग गहरी नीद में सो रहे थे तभी आग की लपटो ने पूरे होटल को अपनी चपेट में लेना शुरू क्र दिया । इस पाँच मंज़िला होटल में करीब 45 कमरे हैं। जहाँ करीब सटाफ समेत 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे , यहां केरल से 13 लोगों का एक परिवार भी ठहरा था। यह परिवार गाजियाबाद में शादी समारोह में भाग लेने आया था जिसमे से एक की मोत हो गयी है जबकि दो लोगो का अभी तक कोई पता नहीं च सका है।



सूत्रों के अनुसार होटल में फायर इमर्जेंसी के हिसाब से भारी लापरवाही बरती गई थी। फ़ायर इमर्जेंसी एक्जिट रूट न होने से समस्या ने भयानक रूप ले लिया। वहीँ चस्मदीदो का आरोप है कि यदि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ियाँ समय पर खुलती तो हादसा कम वीभत्स होता। एक छोटी सी लापरवाही कई लोगो की जान ले बैठी।



पुलिस उपायुक्त मंदीप रंधावा ने बताया कि करोल बाग में छह मंजिला होटल अर्पित पैलेस से 35 लोगों को बचाया गया है। तो वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस हादसे में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रु पए देने की घोषणा कर दी है।



अब इस घटना ने कई परिवारों से अपनों को छीन कर उन्हें ज़िंदगी भर का दर्द दे दिया है। वहीँ इस सनसनीखेज़ कभी न भुलाये जाने वाले वाकये ने दिल्ली के सभी हॉटेल में ठहरने वाले लोगो की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है।