72वाँ वार्षिक निरंकारी संत समागम शनिवार से आरम्भ

रिपोर्ट : अजीत कुमार


 



 


संत निरंकारी मिशन का त्री-दिवसीय 72वां वार्षिक निरंकारी संत समागम शनिवार से आरम्भ होने जा रहा है। इस समागम में भाग लेने के लिए लाखों श्रद्धालु भक्त तथा अन्य प्रभु प्रेमी पहले से ही समागम स्थल पर पहँुच रहे है। दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ सोनीपत, पानीपत तथा भोडवाल माजरी रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालु भक्तों के आगमन का अनवरत तांता लगा हुआ है। जी.टी. रोड पर समागम की ओर आने वाले वाहनों के लिए विशेष प्रबंध किये गये।


निंरकारी समागम के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के लिए 14 नवम्बर को एक 'प्रार्थना दिवस' सत्संग समारोह का आयोजन सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की छत्रछाया में किया गया। जिसमें समागम स्थल पर पहुँचे हुए हज़ारों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। 


'प्रार्थना दिवस' केे उपरान्त सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 'निरंकारी प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में समागम के मुख्य विषय 'संत निरंकारी मिशन के 90 वर्ष - सत्य, प्रेम तथा एकत्व' पर भिन्न-भिन्न प्रकार से मिशन द्वारा किये गये आध्यात्मिक योगदान को दर्शाया गया है। यह उल्लेखनीय है कि सन् 1929 से प्रारम्भ होकर मिशन की बागडोर बाबा बूटा सिंह जी, बाबा अवतार सिंह जी, बाबा गुरबचन सिंह जी, बाबा हरदेव सिंह जी, माता सविंदर हरदेव जी एवं वर्तमान सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने संभाली और मानवता, सत्य, प्रेम, विश्व बन्धुत्व तथा मानवीय एकता का संदेश दिया। इन्हीं संदेशों को निरंकारी प्रदर्शनी में अति आकर्षक, प्रभावशाली तथा रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।


प्रदर्शनी की छटा देखते ही बनती है। प्रदर्शनी स्थल में छः आॅडिटोरियम बनाये गये है जिनमें डाक्युमेट्री के माध्यम से मिशन के सद्गुरुओं द्वारा की गयी कल्याण यात्राओं तथा अन्य सामाजिक सुधार के कार्यो को उजागर किया गया है। प्रदर्शनी में जहाँ मिशन द्वारा किये गये सामाजिक उत्थान के कार्यो को दर्शाया गया है वहीं मिशन के आध्यात्मिक पहुलू को भी प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया है।


निरंकारी प्रदर्शनी को अन्य दो भागों में बांटा गया है। पहला भाग बाल प्रदर्शनी का है जिसमें मिशन की विचारधारा को बच्चों ने अपने ढंग से लघु नाटिका, डाक्युमेंट्री खेलों तथा अन्य क्रियाकलापों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। दूसरे भाग में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा किये गये सामाजिक कार्यो को उजागर किया गया। इसमें रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान तथा प्राकृतिक आपदाओं के लिए सहायता कार्य आदि को फोटों, माॅडल तथा कटआॅउट द्वारा दर्शाया गया है। इस प्रदर्शनी में फाउंडेशन द्वारा तलासरी, महाराष्ट्र राज्य में बनाये गये चेक डेम के प्रभाव को अत्यंत रोचक रूप से प्रस्तुत किया गया है। इस विकास के क्षेत्र के निवासियों के जीवन में सुखद बदलाव आया है। 


समागम स्थल को चार भागों - ए, बी, सी एवं डी में बांटा गया है। समागम स्थल का  'ए' भाग मुख्य सत्संग स्थल, निरंकारी प्रदर्शनी तथा संत निरंकारी मण्डल के प्रशासकीय विभागों के कार्यालयों, निरंकारी प्रकाशन, कैंटीन, सेवादल रैली स्थल तथा पार्किंग इत्यादि में बांटा गया है। अन्य तीनों भागों में अधिकतर श्रद्धालु भक्तों के रिहायश के लिये स्थान बनाये गये है। इनके अतिरिक्त मूलभूत सुविधाएं जैसे - पानी, बिजली, सीवरेज इत्यादि सभी भागों में उपलब्ध है। लंगर बनाने तथा वितरित करने के स्थल सभी भागों में दिन-रात कार्यरत है जिसमें निरंकारी सेवादल पूर्ण रूप से अपना योगदान दे रहा है। सामूहिक लंगर के अतिरिक्त प्रत्येक भाग में कैंटीनों की व्यवस्था भी की गई है जिसमें जलपान, चाय तथा अन्य खाद्य वस्तुएं अल्प दरों पर उपलब्ध है। इन सभी कैंटीनों को निरंकारी सेवादल तथा अन्य अनुयायीयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। 
 
कल समागम का शुभारंभ दोपहर को लगभग 1.00 बजे सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के समागम स्थल पर आगमन के साथ होगा। सद्गुरु माता जी की अगुवाई, समागम कमेटी के सदस्यों तथा केन्द्रीय योजना तथा सलाहकार समिति के सदस्यों एवं समस्त साध संगत द्वारा किया जायेगा। यह आगमन एक शोभा यात्रा के रूप में मुख्य द्वार से मुख्य मंच तक होगा। मिशन के हजारों अनुयायी सद्गुरु के जयघोष द्वारा अभिवादन करेंगे और सद्गुरु के पावन दर्शनों के साथ आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।


सद्गुरु माता जी मुख्य मंच पर आसीन होते ही मानवता के नाम संदेश देंगे और समागम के प्रथम दिवस का कार्यक्रम आरम्भ हो जायेगा। सत्संग कार्यक्रम में देश व दूर देशों से आये हुए श्रद्धालु भक्त गीतों, प्रवचनों तथा अन्य रूपों द्वारा अपने भावों को व्यक्त करेंगे और जिसमें लाखों श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण का आनंद लेंगे। यह समागम 18 नवम्बर 2019 तक चलेगा। सत्संग कार्यक्रम सायं 8.30 बजे तक चलेगा और सद्गुरु माता जी के आशीर्वचनों के साथ सम्पन्न होगा।