डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स झज्जर परिसर में LINAC सेवाओं, अमृत फार्मेसी और ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया

 


 



 


केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, एम्स दिल्ली (झज्जर कैंपस) का दौरा किया। उन्होंने कहा कि एनसीआई कैंसर रोगियों की सर्जरी के लिए प्रतीक्षा सूची (waiting list) को काफी कम करने में सक्षम है और इस प्रकार स्वास्थ्य सेवा चाहने वालों को यह बहुत मूल्यवान सेवा प्रदान करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की रोगी देखभाल सुविधाओं को इसके निर्माण और परिचालन योजना के पहले चरण के तहत चालू किया गया था। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, एम्स, नई दिल्ली (झज्जर कैंपस) 12.02.19 को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।”


डॉ. हर्षवर्धन ने संस्थान में अपनी यात्रा के दौरान उन्नत सुविधाओं और सेवाओं जैसे कि लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) सेवाएं, AMRIT फार्मेसी और सभागार की स्थापना की। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कैम्पस में 800 बेड वाले विश्राम सदन के लिए भूमि पूजन किया। कैम्पस में लीनियर एक्सेलेरेटर सेवाओं को संचालित करने के लिए उच्च तकनीक वाले लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) मशीनें स्थापित की गई हैं जिन्हें करीब लागत 50 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। उच्च तकनीक वाले लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) मशीनों के जरिये ज्यादा सटीक एक्स-रे या इलेक्ट्रॉन जिसकी वजह से मरीज को ट्यूमर होते हैं, का पता लगाया जा सकता है।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि LINAC सेवाओं को स्थापित किए जाने से NCI में कैंसर रोगियों के इलाज की खातिर ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जहां एक छत के नीचे मरीज सर्जरी, केमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। डॉ. हर्षवर्धन ने आगे कहा कि AMRIT फार्मेसी को स्थापित किए जाने से गरीब मरीजों को रियायती दरों पर सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध होंगी जिसका प्रधानमंत्री मोदी जी ने सपना देखा था। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम संस्थान में पेशेवर बातचीत और बड़े सम्मेलनों के लिए उपयोगी साबित होगा। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मेडिकल वार्डों का भी दौरा किया और रोगियों के साथ बातचीत की।


डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कैंसर के मरीजों को अक्सर कई चक्रों और उन्हें दिए जाने वाले इलाज की वजह से अधिक समय तक रहना पड़ता है। ऐसे रोगियों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए आश्रय की सुविधा प्रदान करने के लिए इंफोसिस फाउंडेशन, अपने सीएसआर के एक भाग के रूप में, एनसीआई, झज्जर में एक 800 बिस्तर वाले विश्राम सदन का निर्माण कर रहा है। इसके लिए, AIIMS भूमि, बिजली और पानी की सुविधा मुहैया करा रहा है जबकि संपूर्ण निर्माण लागत फाउंडेशन द्वारा वहन किया जा रहा है। विश्राम सदन अस्पताल और ओपीडी ब्लॉक के करीब होगा और इसमें ग्राउंड फ्लोर सहित नौ मंजिलें होंगी। इसमें डोरमेटरी और प्राइवेट रूम होंगे। ग्राउंड फ्लोर में आम भोजन की सुविधा, फार्मेसी और अन्य उपयोगी दुकानें होंगी।


राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, झज्जर कैंपस भारत सरकार की प्रमुख परियोजना है। इसका निर्माण अनुमोदित लागत 2035 करोड़ रुपये के साथ किया गया है। NCI भारत सरकार द्वारा एकल अस्पताल परियोजना में सबसे बड़ा निवेश है। यह कैंसर की देखभाल/रोकथाम को लेकर अनुसंधान के लिहाज से यह शीर्ष केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। इसमें 710 मरीजों के लिए बेड, 25 ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, उन्नत विकिरण उपचार, 1500 आवास इकाइयां, 2705 संकाय और कर्मचारी आदि हैं।


पहले चरण में 250 मरीजों के लिए बेड, कीमोथेरेपी के लिए 50 बेड, डे केयर सुविधा, 9 ऑपरेशन थिएटर, 25 बेड वाले आईसीयू, आपातकालीन ऑन्कोलॉजी, रोबोट कोर क्लीनिकल प्रयोगशाला, दो लीनियर एक्सेलेरेटर मशीन, ब्रैकीथेरेपी, 4 जी सीटी सिम्युलेटर, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। SPECT और PET स्कैन की सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। अभी हर दिन 100 से अधिक मरीज एनसीआई में आ रहे हैं और यह संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। जब रोगियों की संख्या एक सीमा से अधिक बढ़ जाएगी तब दूसरे चरण का काम शुरू किया जाएगा।