महाराष्‍ट्र में साझा सरकार का रास्ता साफ

 


 



 


महाराष्ट्र में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बनने के बाद अब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की साझा सरकार का रास्ता तकरीबन साफ नजर आ रहा है। जल्द ही तीनों पार्टियों के नेता राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।


सरकार गठन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अहमद पटेल की भी चर्चा हुई है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भी कहा है कि नई सरकार बनाने को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने सोनिया से उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात की।


सूत्रों के मुताबिक इस दौरान पटेल ने एनसीपी और शिवसेना के साथ हुई बातचीत का ब्योरा दिया। माना जा रहा है कि सोनिया और पटेल के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) पर भी चर्चा हुई है। 40 बिंदुओं वाले सीएमपी में विवादित मुद्दों को जगह नहीं दी गई है।


शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं ने राज्यपाल से शनिवार को मुलाकात का वक्त मांगा है। इस मुलाकात में किसानों के मुद्दे पर चर्चा की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक तीनों पार्टियों के नेता इस दौरान सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। आज पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी किसानों को राहत देने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिले हैं।


एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, 'महाराष्ट्र के राज्यपाल ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं को मुलाकात के लिए कल दोपहर तीन बजे का वक्त दिया है। राज्यपाल के साथ किसानों के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।' शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से किसानों को राहत देने की मांग को लेकर मिलेगा।


चूंकि रविवार को शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि है, इसलिए उस दिन सरकार का दावा पेश किए जाने की अटकल भी चल रही है। उद्धव ठाकरे खुद आज बारिश से पीड़ित इलाकों के दौरे पर निकल पड़े हैं। शरद पवार पहले से ही दौरे पर हैं। ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली में सोनिया गांधी और पवार के बीच अंतिम बातचीत के बिना सरकार नहीं बनेगी।


इससे पहले एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरकार गठन की कवायद पर मुहर लगाई। पवार ने कहा, 'सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार पूरे पांच साल तक चलेगी।' एनसीपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि महाराष्ट्र के किसानों को बेमौसम बारिश की वजह से काफी नुकसान झेलना पड़ा है और केंद्र सरकार को उनकी मदद के लिए कदम उठाना चाहिए।


एनसीपी प्रमुख और पूर्व सीएम ने कहा, अतिवृष्टि के कारण संतरे को बहुत नुकसान हुआ है। संतरा किसानों से मैंने खुद निजी तौर पर चर्चा की है। 60 से 70 फीसदी तक उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। संतरा उत्पादक बहुत बड़े संकट से गुजर रहे हैं। महाराष्ट्र में किसानों की हालत दयनीय है और जो बची हुई फसल है उनमें भी घुन लगने की आशंका है।