राज्‍य सभा ने 1952 से लेकर अब तक पिछले 67 वर्षों में 5,466 बैठकों में 3,817 विधेयक पारित किए

 


 



 


राज्‍य सभा के 1952 में अस्तित्‍व में आने के बाद उसके विधायी कार्यों की संख्‍या निर्धारित करने और उनका विश्‍लेषण करने के राज्‍य सभा सचिवालय के पहले प्रयास से यह जानकारी मिली है कि सदन ने पिछले और 249वें सत्र की समाप्ति तक 3,817 विधेयक पारित किए। इनमें से 60 विधेयक अलग-अलग समय पर लोक सभा भंग होने के कारण निरस्‍त हो गए, जबकि 63 विधेयकों को ऊपरी सदन द्वारा पारित मान लिया गया। उसके द्वारा पारित दो विधेयक अभी भी लोकसभा में लिए जाने हैं। 1952 में पहले आम चुनाव के बाद से संसद द्वारा कुल 3,818 कानून बनाए गए।


सदन के कामकाज के विभिन्‍न पहलुओं के बारे में आंकड़ों के साथ जानकारी और अन्‍य विवरण एक प्रकाशन 'राज्‍य सभा: द जर्नी सिंस 1952' जिसे सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आज नई दिल्‍ली में विभिन्‍न दलों और समूहों के नेताओं की बैठक में जारी किया। नायडू ने यह बैठक राज्‍य सभा के कल से शुरू हो रहे ऐतिहासिक 250वें सत्र का कामकाज सुचारू तरीके से चलाने के लिए विभिन्‍न दलों का सहयोग प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से बुलाई थी।


29 अध्‍यायों के साथ 118 पृष्‍ठों का प्रकाशन दिलचस्‍प आंकड़ों के साथ तैयार संगणक है, इसमें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक बदलाव, औद्योगिक विकास, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, राष्‍ट्रीय सुरक्षा और अब तक किए गए 103 संविधान संशोधनों के उद्देश्‍य के संबंध में राज्‍य सभा द्वारा पारित प्रमुख विधेयकों के विवरण के अलावा पहली बार उठाए गए कदमों और कुछ अनोखी घटनाओं का विवरण है।