सुशासन के तौर-तरीके अमल में लाने के विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्‍मेलन समाप्‍त

 


 



 


जम्‍मू-कश्‍मीर तथा लद्दाख में केन्‍द्र के समान सुशासन के बेहतर तौर तरीके अमल में लाने के विषय पर कल जम्‍मू शुरु हुआ दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्‍मेलन संपन्‍न हो गया। सम्‍मेलन का उद्घाटन पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (डोनर), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन; परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डा. जितेन्‍द्र सिंह ने किया था। उद्धाटन सत्र में  जम्‍मू-कश्‍मीर के उप राज्‍यपाल जी. सी. मुरमु, जम्‍मू कश्‍मीर के मुख्‍य सचिव बी. वी. आर सुब्रह्मण्‍यम,डीओपीटी तथा डीएआरपीजी सचिव डा.सी चंद्रमौली, डीएआरपीजी के अपर सचिव वी श्रीनिवास और कई अन्‍य वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारी  मौजूद थे।  


जम्‍मू में आयोजित समान सत्र में पिछले दो दिनों से जारी गहन विचार विमर्श के बाद  एकमत से सुशासन संकल्‍प का प्रस्‍ताव पारित किया गया।


उपराज्‍यपाल के सलाहकार के. के. शर्मा, डीएआरपीजी के अपर सचिव वी . श्रीनिवास एआर तथा जम्‍मू कश्‍मीर के प्रधान सचिव रोहित कंसाल, जीएडी के सचिव फारूख अहमद लोन, डीएआरपीजी की संयुक्‍त सचिव जया दूबे तथा कई अन्‍य अधिकरी सम्‍मेलन के समापन सत्र में मौजूद थे।


दो दिवसीय सम्‍मेलन में डिजिटल गवर्नेंस से लेकर क्षमता निर्माण तथा कार्मिक प्रशासन जैसे विषयों पर कई सत्र आयोजित किए गए।


सम्‍मेलन के उद्धाटन सत्र में लोक नीति और शासन विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। सत्र की अध्‍यक्षता करते हुए जम्‍मू कश्‍मीर के वित्‍त विभाग के आयुक्‍त श्री अरुण कुमार ने कहा कि सुशासन का सही अर्थ ऐसी शासन व्‍यवस्‍था से है जिसमें आम जनता और खास तौर से गरीब लोगों की बेहतरी सुनिश्‍चित की जा सके।


ई – विधान पर संसदीय कार्य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव डा. सत्‍यप्रकाश ने ई विधान एप की खूबियां और लाभों पर प्रकाश डाला। लोक निति पर डीएआरपीजी की संयुक्‍त सचिव जया दूबे ने कहा तकनीक में उन्‍नयन के लिए कानूनों में कुछ बदलाव जरूरी हैं। डिजिटल गवर्नेंस पर आयोजित सत्र की अध्‍यक्षता नगालैंड के प्रधान सचिव (आईटी) के. डी. वीजो ने की।


अगले सत्र का आयोजन जन केन्द्रित शासन पर किया गया जिसकी अध्‍यक्षता जम्‍मू कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक ने की। इसमें जन शिकायत निवारण प्रणाली को सशक्‍त बनाने पर कई प्रस्‍तुतियां दी गईं। आकांक्षी जिलों पर आधारित सत्र मे स्‍वास्‍थ्‍य और जल प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन विचार विमर्श किया गया।


सम्‍मेलन के दूसरे दिन चयनित नवाचारों पर प्रस्‍तुतियां दी गईं। साथ ही क्षमता निर्माण और लोक प्रशासन जैसे विषयों पर विचार विमर्श किया गया