मिजोरम के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की

 


 



 


मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने कल पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से दिल्ली में मुलाकात की और विकास परियोजनाओं तथा राज्य से संबंधित आईएएस कैडर के बारे में बातचीत की।


जोरमथंगा ने डॉ. जितेन्द्र सिंह के साथ गैर छूट मंत्रालयों के माध्यम से 10 प्रतिशत वित्तीय सहायता के बारे में बातचीत की और खर्च नहीं की गई सुरक्षित राशि देने के लिए व्यवस्था करने का आग्रह किया।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोरमथंगा को बताया कि उन्होंने इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इसे देखेंगी और कोई समाधान निकालेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इस बारे में कुछ संभव विकल्पों को भी वित्त मंत्री के समक्ष रखा है।


मिजोरम के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री से मिजोरम के लिए अलग आईएएस/सिविल सेवा कैडर बनाने का अनुरोध किया। मिजोरम अभी एजीएमयूटी कैडर का हिस्सा है। इसके जवाब में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्होंने इस बारे में जटिलताओं का अध्ययन करने तथा संभावना तलाशने के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से कहा है। उन्होंने बताया कि दो और संघ शासित प्रदेश – जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख - एजीएमयूटी कैडर का हिस्सा बन सकते हैं।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लिंगोई में हाल में स्थापित 'सीट्रस फूड पार्क' पर संतोष व्यक्त किया। यह पार्क भारतीय उप महाद्वीप में अपनी किस्म का अकेला है और इसे इस्राइल के सहयोग से स्थापित किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मिजोरम यात्रा की चर्चा की, जिसमें प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण विद्युत परियोजनाओं को लॉन्च किया था और स्टार्ट अप के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किये गए 'वेंचर फंड' के दस्तावेजों की पहली खेप सौंपी थी।


डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सीमावर्ती तथा मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह की आइजोल की पहली यात्रा इस बात का प्रमाण है। अमित शाह ने क्षेत्र से सभी 8 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्वोत्तर दस्तकारी मेला लॉन्च किया था।