नई शिक्षा नीति जल्द सामने आएगी - निशंक

 


 



 


सरकार जल्द ही एक नई शिक्षा नीति लेकर सामने आएगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति विश्वभर में भारत का मान बढ़ाने वाली होगी। उन्होंने वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए यह जानकारी दिल्ली में आयोजित तीसरे स्वच्छता रैंकिग पुरस्कार समारोह में दी। उन्होंने कहा, "हम शिक्षा नीति जल्द देश के सामने लेकर आने वाले हैं और फिलहाल यह कार्य अपने अंतिम चरण में है।"


केंद्रीय मंत्री निशंक ने इस मौके पर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में छात्रों व शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने छात्रों से प्रतिदिन एक लीटर पानी बचाने की अपील की है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आप प्रतिदिन एक लीटर पानी बचाएं। निशंक ने छात्रों से कहा कि अपने परिजनों व दोस्तों को भी पानी बचाने की इस महत्वपूर्ण मुहिम में शामिल करने के लिए प्रेरित कीजिए।


इस अवसर पर मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव आर सुब्रामणियम ने कहा कि नई शिक्षा में किए जा रहे बदलाव छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा नीति में बड़े पैमाने पर सकारात्मक एवं व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे।


इस वर्ष आयोजित स्वच्छता रैंकिग पुरस्कार में देश भर के 6 हजार 900 शिक्षण संस्थानों की भागीदारी रही। इनमें से 52 शिक्षण संस्थानों को स्वच्छ एवं स्मार्ट कैंपस, एक छात्र एक वृक्ष, जल शक्ति अभियान और सौलर ऊर्जा लैंप श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। यूनिवर्सिटी के स्तर पर गुंटूर के कोनूरू एजुकेशनल फांउडेशन, राजस्थान की आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस चेन्नई व डॉक्टर एपीजे टेक्नीकल यूनिवर्सिटी लखनऊ टॉप पर रहे।


वहीं कॉलेज के स्तर पर स्वच्छता का पुरस्कार जीतने में कोयम्बटूर का श्रीकिशन आर्ट्स एंड सांइस कॉलेज व सीकर का प्रिंस एकेडेमी ऑफ हायर एजुकेशन शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय अग्रणी रहे।