सुभाष चोपड़ा ने संविधान की रक्षा करने की कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाई

 


 



 


भारतीय संविधान को धत्त्ता बताकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर राज्यों में भाजपा की सरकार बचाने व अपने राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने व राजनीतिक हितों की पूर्ति करने के लिए किए जा रहे अनैतिक कार्यों व संविधान की रक्षा के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की अगुवाई में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अम्बेडकर स्टेडियम पर धरना दिया।


धरने में शामिल प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा के अलावा पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल, परवेज हाश्मी, रमेश कुमार, महाबल मिश्रा, कीर्ति आजाद, वरिष्ठ नेता व मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा के अलावा किरण वालिया, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमेन अली मेंहदी, जिला अध्यक्ष हरी किशन जिंदल, विरेन्द्र कसाना, ने बाबासाहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धाजंलि दी व संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाई।


सुबह 11 बजे से ही अम्बेडकर स्टेडियम पर कांग्रेस कार्यकर्ता जिनमें भारी संख्या में अल्पसंख्यक व दलित वर्ग के कार्यकर्ता भी मौजूद थे, सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पर जमा होना शुरु हो गए थे। महिलाओं भी भारी तादात में मौजूद थी। धरने पर मौजूद कार्यकर्ता ''संविधान की रक्षा-हमारा धर्म है-धर्म है'', ''मोदी सरकार हाय-हाय'', ''संविधान की रक्षा जो कर न सके, वो सरकार निकम्मी है - जो सरकार निकम्मी है वो सरकार बदलनी है'', आदि नारे लगा रहे थे।


धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि संविधान में प्रदत शक्तियां का न केवल राज्यों में अपनी सरकार बनाने के लिए मोदी सरकार दुरुपयोग कर रही है, बल्कि मोदी सरकार बाबा साहेब द्वारा दिए गए मूल संविधान के वजूद को ही नष्ट करने में लग गई है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, गोवा व महाराष्ट्र इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश में चौतरफा संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने के मामले को लेकर आम नागरिक न केवल चिंतित है बल्कि उनको यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि मोदी सरकार के होते हुए देश में क्या अपनी बात रखने के अधिकार से भी लोगों को वंचित कर दिया जाएगा।


चोपड़ा ने साफ शब्दां में कहा कि संविधान से छेड़छाड़ व उसके मूल स्वरुप को नष्ट करने की मोदी सरकार की साजिश के खिलाफ कांग्रेस लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति की है और कभी भी सरकार के गठन के लिए अनैतिक काम नही किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारें आती-जाती रहती है, लेकिन देश के संविधान की रक्षा सबसे जरुरी हैं और इसी से हमारा लोकतंत्र मजबूत रहेगा।


जय प्रकाश अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता हासिल करने के लिए चौथे दर्जे की राजनीति शुरु कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान को सुविधा अनुसार घुमाना मोदी सरकार की आदत में शुमार है, जो असहनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत ही सरकारें बनाई है और कभी संविधान की अवहेलना नही की।


कीर्ति आजाद व मुकेश शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान के मूल स्वरुप को समाप्त करने की बड़ी साजिश मोदी सरकार कर रही है, जिसे देश कभी स्वीकार नही करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस भारतीय संविधान की रक्षा के लिए बड़े से बड़े बलिदान के लिए तैयार है। दोनो नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओ से अपील की कि वे गली-मौहल्लों में भाजपा की कारगुजारियों की जानकारी अवश्य दें। आजाद ने यह भी कहा कि संविधान में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल देश के आवाम को फायदा पहुॅचाने के लिए किया जाना चाहिए। ठीक इसके उल्ट आज संविधान को मोदी मित्रों की रक्षा के लिए बदलने की चेष्टा हो रही है, जो अच्छे संकेत नही है।


इस मौके पर पूर्व सांसद रमेश कुमार व महाबल मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संवैधानिक संस्थाओं को बेईज्जत नही होने देगी। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करके विपक्षी नेताओं को झूठे मुकद्मों में फंसाने की भी कड़ी निंदा की।