वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग के साथ शहद उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए

 


 



 


वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग(केवीआईसी) के प्रयासों के साथ परिषद की विशेषज्ञता का लाभ उठा कर शहद के उत्पादन को प्रोत्साहन देने और सीएसआईआर की प्रौद्योगिकी और उत्पादों की बड़े स्तर तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। सहमति पत्र से शहद परीक्षण,सीएसआईआर के सुगंध मिशन के साथ शहद मिशन को प्रोत्साहन और प्रस्तावित सीएसआईआर पुष्पोत्पादन मिशन में दोनो संगठनों के बीच संयुक्त रुप से कार्यशील संबंध बनाने में सहायता मिलेगी। इस सहमति पत्र से सीएसआईआर लाईसेंस धारकों के केवीआईसी नेटवर्क में शामिल होने और प्रमुख केवीआईसी खादी की दुकानों में सीएसआईआर प्रौद्योगिकी उत्पादों का प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी।


इस सहमति पत्र पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के सचिव और सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मनडे और केवीआईसी के अध्यक्ष विनाई कुमार सक्सेना ने कल हस्ताक्षर किए।


सीआएसआईआर कई वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास कार्यों में कार्यरत है और इन प्रणालियों,प्रौद्योगिकी और उत्पादों में पोर्टफोलियो विकसित किए हैं।कृषि और पोषण क्षेत्र में मुख्य रूप से औषधीय और सुगंधित पौधो, पुष्पोत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण से जुडी प्रौद्योगिकी और उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।


ग्रामीण क्षेत्रों में खादी और अन्य ग्रामीण उद्योगों को विकसित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों में शहद मिशन का कार्यान्वयन किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक मधुमक्खी पालन की शुरूआत कर इसे लोकप्रिय बनाया जा सकेगा।