निर्यात के लिए पहली केला कंटेनर ट्रेन जेएनपीटी भेजी गई

 


 



 


कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ने आंध्र प्रदेश राज्य सरकार और केला के सबसे बड़े सदस्य निर्यातक में से एक के साथ मिलकर, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए आंध्र प्रदेश के अनंतपुर के ताडीपत्री से 43 प्रशीतित कंटेनरों में उच्च गुणवत्ता वाले केले के 890 मीट्रिक टन का पहला शिपमेंट कल जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) मुम्बई में भेजा।


कृषि निर्यात नीति के तहत भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कडप्पा जिलों में केला क्लस्टर को अधिसूचित किया है। निर्यातकारी कंपनी केले के उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आंध्र प्रदेश में केला उत्पादकों को विशेषज्ञता और तकनीक प्रदान करने के जरिये सस्य क्रियाओं के पैकेज को बदलने में सक्षम रही है।


अनंतपुर और आसपास के जिलों से फलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 1800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में केले की खेती करने वाले 500 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया गया है।


मुंबई में निर्यात बंदरगाह के लिए आंध्र प्रदेश के खेतों से लंबी दूरी लंबे पारगमन के दौरान उच्च परिवहन लागत और गुणवत्ता के नुकसान के कारण निर्यात शिपमेंट की व्यवहार्यता को प्रभावित करती है। प्रशीतित रेल कंटेनरों का उपयोग करके मुंबई बंदरगाह के लिए पारगमन समय को कम करने के लिए प्रयास किए गए हैं।


1 लाख एमटी से अधिक वार्षिक उत्पादन वाले तीन हजार से अधिक किसानों को निर्यात के लिए आरम्भिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार और निर्यातकों के सहयोग के साथ एपीडा के प्रयासों से भारत को केले के विश्व व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक अच्छा अवसर प्राप्त होने की संभावना है।


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